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ट्रांसफर में परेशानी: कोविड में बीते दो सत्र से ट्रांसफर ड्राइव में तय होगी प्राथमिकता; एक हजार शिक्षकों को मिली जीरो ग्रेडिंग

रोहतक : ट्रांसफर पॉलिसी के 2016 के अनुसार अगस्त में छठी से 12वीं तक के टीजीटी, पीजीटी शिक्षकों व प्रधानाचार्यों के लिए ट्रांसफर ड्राइव खुल चुकी है, लेकिन रिजल्ट, तलाक के आधार पर मिलने वाली ग्रेडिंग में शिक्षकों के सामने समस्या आ रही हैं। क्योंकि 100% ग्रेडिंग से ही स्टेशन तय होता है।

विभाग की ओर से तय 2019-20 सत्र के रिजल्ट की ग्रेडिंग से उन शिक्षकों की मुश्किल बढ़ गई है, जिनके विषयों की परीक्षा ही नहीं हो पाई थी और उनके विद्यार्थियों का परिणाम अन्य विषयों के आधार पर तय कर दिया था। ऐसे में जिले के करीब 1200 शिक्षकों को सिर्फ उम्र की ही ग्रेडिंग का लाभ मिल पाएगा। इससे शिक्षकों को पसंदीदा स्टेशन नहीं मिल सकेंगे।

अपनी एम्पलाई आईडी से एमआईएस पोर्टल पर अपनी ग्रेडिंग देख सकते हैं

हालांकि शिक्षा विभाग ने 10 अगस्त को पत्र जारी कर स्कूल वाइज शिक्षकों से पोस्ट संख्या व अन्य आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक दिन दिया था। शिक्षक अपनी एम्पलाई आईडी से एमआईएस पोर्टल पर अपनी ग्रेडिंग देख सकते हैं। इस बार ट्रांसफर ड्राइव के लिए हां करने वाले शिक्षक ग्रेडिंग से खुश नहीं है। जिसके चलते शिक्षकों ने अपनी आपत्तियां दर्ज करवा दी हैं। यह ट्रांसफर ड्राइव पूरे माह चलेगी। इसमें 5 अगस्त तक ट्रांसफर की सहमति के साथ चॉइस मांगी गई थी। जिसे बढ़ाकर पहले 7 अगस्त और अब 15 अगस्त किया गया है। पिछले दो दिनों से तकनीकी खामी के चलते ड्राइव नहीं चल रही है।

तलाकशुदा पुरुषों को भी नहीं मिली ग्रेडिंग

टीचर ट्रांसफर पॉलिसी 2016 के अनुसार उम्र के आधार, रिजल्ट के आधार, आर्मी पर्सन की पत्नियों, दिव्यांग व तलाकशुदा महिला व पुरुषों को 10 प्रतिशत ग्रेडिंग मिलती है। सत्र 2019-20 में तलाक वाली ग्रेडिंग में बदलाव किया गया था। पहले जहां तलाकशुदा महिलाओं को ही 10 नंबर ग्रेडिंग में मिलते थे, वहीं अब तलाकशुदा पुरुषों को भी 10 नंबर इस सत्र में मिलने चाहिए थे, लेकिन जिले में करीब 48 केस ऐसे हैं जिनमें पुरुष तलाकशुदा हैं, पर उनको ग्रेडिंग नहीं मिल पाई। उन्होंने भी इसकी आपत्ति दर्ज कराई है।

सत्र 2019-20 के परीक्षा परिणाम के आधार पर विभाग ने शिक्षकों को दी ग्रेडिंग

विभाग ने शिक्षकों को रिजल्ट के आधार पर ग्रेडिंग देने के लिए शैक्षिक सत्र 2020-21 की बजाय सत्र 2019-20 के रिजल्ट को चुना है। विभाग के अनुसार 2020-21 में सभी विद्यार्थी सभी विषयों में अधिकतम अंकों से पास हुए हैं, इसलिए 2019-20 सत्र के 12वीं के परिणाम के आधार पर ही ग्रेडिंग दी जाएंगी। इससे उन विषयों के शिक्षकों की ग्रेडिंग जीरो हो गई हैं, जिनके विषयों की परीक्षाएं कोविड के कारण कैंसिल कर दी गई थी। शिक्षकों को 75 प्रतिशत से ज्यादा परिणाम होने पर 1 नंबर के हिसाब से ग्रेडिंग मिलती है जो 90 फीसदी परिणाम होने तक 5 प्रतिशत होती है।

विभाग ने 10 अगस्त को शिक्षकों को स्कूल वाइज आपत्तियां दर्ज करने का एक दिन का समय दिया था। शिक्षकों ने आपत्तियां बुधवार को शाम 5 बजे तक जमा करा दी हैं। 15 अगस्त तक ड्राइव में चॉइस ऑप्शन भरने का समय है। जिसमें शिक्षकों ने वर्क लोड ज्यादा है पोस्ट कम दी गई है, विषयों की पोस्ट नहीं दी गई और रिजल्ट संबंधी आपत्ति भी दर्ज कराई हैं। परीक्षा लेना न लेना विभाग व सरकार का काम है, उनमें शिक्षकों की कोई गलती नहीं उनको ग्रेडिंग दी जानी चाहिए।– राकेश दलाल, जिला प्रधान, हसला रोहतक

 

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