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बुजुर्गों को झटका : वृद्धावस्था पेंशन पर लग सकती है रोक, पेंशन कटौती पर काम शुरू

बाढड़ा : पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आरंभ की गई परिवार पहचान पत्र योजना में शामिल होकर अपना पूरा ब्यौरा दर्ज करवाने वाले बुजुर्गों को जल्द ही बड़ा झटका लगने वाला है। समाज कल्याण विभाग ने दो लाख से अधिक वार्षिक आय प्राप्त करने वाले बुजर्ग लाभपात्रों को अब सम्मान भत्ते से बाहर करना शुरू कर दिया है जिससे उपमंडल क्षेत्र के दस हजार आवेदकों पर गाज गिरने की आशंका है।

 

दीपावली के बाद सम्मान भत्ते लेने के लिए जाने वाली बुजुर्गों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। प्रदेश में सत्तर के दशक में देवीलाल सरकार ने देश में नई पहल करते हुए वृद्धों के लिए सम्मान भत्ता योजना शुरू की थी, जिसमें साठ वर्ष आयुवर्ग वाले बुजुर्गों को सौ रुपये नगद देने की योजना आरंभ की थी अब 2500 रुपये तक पहुंच गई है ।

समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि दो लाख वार्षिक आय से अधिक आय वाले परिवार के बुजुर्गों को इस योजना का लाभ देने की समीक्षा कर धीरे धीरे उनको लाभ पात्र सूचि से बाहर किया जाएगा और इसी कड़ी में क्षेत्र के कई लाभार्थियों के खातों में अक्टूबर माह का सम्मान भत्ता नहीं पहुंच पाया है जिससे उनमें हड़कंप मच गया है। लाभार्थी सुमित्रा देवी, अमर सिंह, संतोष देवी इत्यादि ने बताया कि प्रदेश सरकार परिवार पहचान पत्र में आय का हवाला देकर सम्मान भत्ता रोकती है तो यह आमजन के साथ अन्याय है।

राज्य मुख्यालय ही लेगा अंतिम फैसला

जिला समाज कल्याण अधिकारी सरफराज खान ने बताया कि जिले में अलग अलग श्रैणी के लगभग 45 हजार सम्मान भत्ता धारक हैं और भविष्य में परिवार पहचान पत्र ही योजना बनाने का मुख्य आधार बनेगा। समाज कल्याण विभाग ने अत्याधुनिक पैटर्न से अब साठ वर्ष आयु पूरी करने वाले बुजुर्गों जिनकी वार्षिक आय दो लाख से कम हो उसको तुरंत प्रभाव से सम्मान भत्ता आरंभ कर दिया जाएगा, वहीं दो लाख से ज्यादा आय वाले लाभार्थियों की सूचि से बाहर किया जाएगा। इसके लिए अब सारी कार्यवाही राज्य मुख्यालय से आरंभ की जा रही है। पीपीपी के आधार पर अब पूरी पारदर्शिता से काम किया जा रहा है।

दक्षिणी हरियाणा के भूतपूर्व सैनिकों के परिवारजनों पर गिरेगी गाज

परिवार पहचान पत्र के आधार पर सम्मान भत्ता सूची में संसोधन किया गया तो इसका सबसे अधिक प्रभाव दक्षिणी हरियाणा के लाभार्थियों पर नजर आएगा। अकेले उपमंडल समेत दादरी, भिवानी, हिसार, नारनौल, झज्जर, रेवाड़ी जैसे जिलों में सबसे अधिक भूतपूर्व सैनिक हैं जो केन्द्र सरकार से पेंशन ले रहे हैं और परिवार पहचान पत्र में इसको शामिल करने के बाद उनकी महिलाओं को इस योजना से बाहर होना लाजिमी है। कई भूतपूर्व सैनिकों ने बताया कि सरकार ने उनके स्वजनों को सम्मान भत्ता सूची से बाहर किया तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

झूठे सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई गठबंधन सरकार का असली रुप सामने आया

पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में डा. स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को बहाल करने, कभी हर हाथ को रोजगार तो कभी वृद्धों को 51 सौ सम्मान भत्ता समेत अनेक झूठे सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई गठबंधन सरकार ने अब असली रुप दिखाना आरंभ कर दिया है। जब बुजर्ग सम्मान भत्ता है तो उसमें आय का नया फार्मूला कहां से आ गया। सरकार एक तरफ तो छह लाख तक की आय वालों को ईडब्लयूएस श्रैणी में शामिल कर रही है जबकी ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनधारकों को उनके अधिकार से वंचित करने के लिए दो लाख का पैमाना निर्धारित करना कहां का न्याय है।

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